ब्रिटिश कोलंबिया में चार कनाडाई नागरिकों के आइसोलेशन में रहने के दौरान, एक व्यक्ति की हंटावायरस को लेकर “प्रिजम्प्टिव पॉजिटिव” रिपोर्ट सामने आई है। यह सभी लोग उस क्रूज शिप से उतरे थे, जो हंटावायरस के प्रकोप से प्रभावित बताया जा रहा है।
प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बॉनी हेनरी ने शनिवार को जानकारी दी कि संक्रमित पाया गया व्यक्ति दो दिन पहले हल्के लक्षणों जैसे बुखार और सिरदर्द के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को आई शुरुआती जांच रिपोर्ट में व्यक्ति का परिणाम संदिग्ध (presumptive positive) आया है। हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि विन्निपेग स्थित राष्ट्रीय माइक्रोबायोलॉजी लैब से की जानी बाकी है, लेकिन फिलहाल मरीज का इलाज हंटावायरस संक्रमित व्यक्ति के रूप में ही किया जा रहा है।
डॉ. हेनरी ने कहा कि यह परिणाम निश्चित रूप से उम्मीद के मुताबिक नहीं है, लेकिन इसकी तैयारी पहले से की गई थी।
उन्होंने आगे बताया कि इस तरह की खबरें लोगों में चिंता पैदा कर सकती हैं और बीते कुछ वर्षों में जिन अनुभवों से हम गुजरे हैं, उनकी याद दिला सकती हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि हंटावायरस, COVID-19, इन्फ्लुएंजा या खसरे जैसे अन्य श्वसन वायरसों से अलग है और इसे महामारी फैलाने वाला वायरस नहीं माना जाता।
वैंकूवर आइलैंड में रविवार को लौटने के बाद चार क्रूज शिप यात्रियों को आइसोलेशन में रखा गया है। इनमें से तीन लोगों को, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में रखा गया था, बाद में विक्टोरिया के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि एक व्यक्ति अभी भी घर पर ही आइसोलेशन में है।
प्रांतीय अधिकारियों के अनुसार, इनमें एक व्यक्ति आइलैंड का निवासी है जो 70 वर्ष के आसपास की उम्र का है, दूसरा बीसी का रहने वाला व्यक्ति है जो फिलहाल विदेश में रहता है और तीसरा यूकॉन का एक दंपति है, जिनकी उम्र भी लगभग 70 वर्ष के आसपास बताई गई है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि जिनमें “प्रिजम्प्टिव पॉजिटिव” रिपोर्ट सामने आई है, वह यूकॉन के दंपति में से एक व्यक्ति है। वहीं उनके साथी में हल्के लक्षण देखे गए थे, लेकिन जांच में उनकी रिपोर्ट नकारात्मक आई है।
आइलैंड हेल्थ की सुविधा में रह रहे तीसरे व्यक्ति की रिपोर्ट भी पॉजिटिव नहीं आई है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें निगरानी के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, इन मरीजों को नेगेटिव प्रेशर रूम में रखा गया है, जहां हवा का दबाव सामान्य कमरों की तुलना में कम होता है, ताकि दरवाजा खुलने पर हवा बाहर न निकलकर अंदर की ओर ही प्रवाहित हो। यह व्यवस्था संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए की जाती है।
आइलैंड हेल्थ की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेका गुस्ताफसन ने शनिवार को कहा कि लोगों को किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर इलाज लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अस्पताल रोजाना गंभीर बीमारियों और संक्रमण वाले मरीजों का उपचार करते हैं, इसलिए समय पर चिकित्सा सहायता लेना पूरी तरह सुरक्षित है।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

