इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भारत के टॉप संस्थानों में प्रवेश पाना बेहद कठिन माना जाता है, क्योंकि यहां सीटों की संख्या सीमित होती है और प्रतियोगिता बहुत अधिक होती है। Indian Institutes of Technology Bombay, Indian Institutes of Technology Madras और Indian Institutes of Technology Delhi जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला पाने के लिए छात्रों को पहले JEE Main परीक्षा पास करनी होती है, जिसके बाद JEE Advanced में भी उच्च रैंक हासिल करना अनिवार्य होता है।
इस कठिन चयन प्रक्रिया के कारण हर साल बड़ी संख्या में छात्र इन टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश नहीं ले पाते। परिणामस्वरूप, कई छात्र मजबूरी में या विकल्प के तौर पर कम लोकप्रिय या मध्यम स्तर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला लेते हैं, जहां प्रतिस्पर्धा अपेक्षाकृत कम होती है लेकिन अवसर और ब्रांड वैल्यू भी सीमित मानी जाती है।
इसी वजह से कई स्टूडेंट्स विदेशों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई, खासकर कनाडा जैसे देशों को भी एक विकल्प के रूप में देखने लगे हैं, ताकि उन्हें बेहतर अवसर और वैश्विक एक्सपोजर मिल सके।
हालांकि, ऐसे कई छात्र भी होते हैं जो JEE Main जैसी परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर लेते हैं, लेकिन फिर भी भारत में इंजीनियरिंग करने के बजाय विदेश जाने का विकल्प चुनते हैं। उनके लिए यह फैसला केवल पढ़ाई का नहीं, बल्कि करियर और भविष्य की संभावनाओं से जुड़ा होता है।
इन्हीं देशों में Canada भारतीय छात्रों के बीच एक लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरा है। यहां कई विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान मौजूद हैं, जो इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करते हैं।
कनाडा में पढ़ाई करने वाले छात्रों को न केवल ग्लोबल स्टैंडर्ड की शिक्षा मिलती है, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय माहौल में सीखने और काम करने का अनुभव भी मिलता है। यह अनुभव आगे चलकर उनके करियर को मजबूत बनाने में मदद करता है और उन्हें वैश्विक स्तर पर अवसरों तक पहुंचने का मौका देता है।
इसी वजह से कई भारतीय छात्र कनाडा को सिर्फ एक शिक्षा गंतव्य नहीं, बल्कि अपने करियर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म के रूप में देखते हैं।
इन सभी पहलुओं के बीच एक अहम सवाल भी सामने आता है कि अगर किसी छात्र को भारत के टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों में एडमिशन नहीं मिलता, लेकिन उसे टियर-2 या मध्यम स्तर के कॉलेज में दाखिला मिल जाता है, तो उसके लिए सही रास्ता क्या होना चाहिए? क्या उसे भारत में ही BTech करना चाहिए या फिर Canada जाकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई का विकल्प चुनना बेहतर रहेगा?
इस मुद्दे पर स्टडी अब्रॉड एक्सपर्ट विनू वॉरियर का मानना है कि इस निर्णय में करियर के अवसर सबसे बड़ा फैक्टर होते हैं। उनके अनुसार भारत में इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए जॉब मार्केट अपेक्षाकृत सीमित और प्रतिस्पर्धी है, जहां अच्छी नौकरी पाने के लिए अतिरिक्त स्किल्स और अनुभव की जरूरत होती है।
वहीं दूसरी ओर कनाडा में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए रोजगार के अवसर तुलनात्मक रूप से बेहतर माने जाते हैं। वहां टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग सेक्टर में डिमांड होने के कारण छात्रों को इंटर्नशिप, वर्क एक्सपीरियंस और फुल-टाइम जॉब्स पाने के अधिक मौके मिलते हैं।
इसी वजह से कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि छात्रों को सिर्फ एडमिशन के आधार पर नहीं, बल्कि भविष्य की ग्रोथ, स्किल डेवलपमेंट और इंटरनेशनल एक्सपोजर को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

