कनाडा में सक्रिय आपराधिक नेटवर्कों को लेकर चल रही जांच के बीच बिश्नोई गैंग का नाम एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय पुलिस ने गैंग के कथित नेटवर्क और उसकी गतिविधियों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष एबॉट्सफ़ोर्ड पुलिस स्टेशन को एक धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ था, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी।
जांच में सामने आया कि इस संदेश में खुद को बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताने वाले लोगों ने पुलिस को डराने और दबाव बनाने की कोशिश की थी। कथित तौर पर संदेश में गैंग की ताकत का जिक्र करते हुए दावा किया गया था कि उनके पास बड़ी संख्या में शूटर मौजूद हैं और वे किसी भी कार्रवाई का जवाब देने में सक्षम हैं। इस धमकी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया और इसकी विस्तृत जांच शुरू की।
कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि वे संगठित अपराध से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं और यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि देश में सक्रिय विभिन्न आपराधिक नेटवर्क किस तरह काम कर रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की धमकी या दबाव से कानून प्रवर्तन एजेंसियां प्रभावित नहीं होंगी और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच एजेंसियों की पड़ताल में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर कुछ भारतीय छात्रों और अस्थायी वर्क परमिट पर कनाडा पहुंचे युवाओं को आपराधिक नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की गई। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे युवाओं को उनकी आर्थिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों का फायदा उठाकर अपने प्रभाव में लिया जाता था। जांच में जुटी एजेंसियां इस पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं कि किस तरह कुछ लोगों को संगठित अपराध से जुड़े कार्यों में शामिल होने के लिए प्रेरित या प्रभावित किया गया।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, इन युवाओं को अपेक्षाकृत कम रकम या अन्य लालच देकर विभिन्न गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल करने के आरोप सामने आए हैं। अधिकारियों का मानना है कि कई मामलों में युवाओं को शुरू में छोटे-मोटे काम सौंपे जाते थे, जिसके बाद उन्हें धीरे-धीरे अधिक गंभीर आपराधिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाता था।
जांचकर्ताओं का कहना है कि कुछ संदिग्ध मामलों में युवाओं का उपयोग डर का माहौल बनाने, धमकी पहुंचाने या अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए किए जाने की आशंका है। हालांकि, एजेंसियां प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच कर रही हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकालने की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि विदेशों में पढ़ाई या रोजगार के लिए पहुंचे युवाओं को ऐसे नेटवर्कों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने की आवश्यकता है। मामले की जांच अभी जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित भर्ती की प्रक्रिया किस स्तर तक फैली हुई थी तथा इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती दौर में कथित तौर पर कारोबारियों और अन्य लोगों को फोन कॉल्स के जरिए धमकियां दी जाती थीं। इन कॉल्स में उनसे धन की मांग की जाती थी और मांग पूरी न होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जाती थी। जांचकर्ताओं का कहना है कि समय के साथ इन मामलों का स्वरूप और अधिक गंभीर होता गया तथा केवल धमकी भरे संदेशों तक सीमित नहीं रहा।
पुलिस के मुताबिक, बाद के चरण में कई स्थानों पर घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों को निशाना बनाने की घटनाएं सामने आईं। इन मामलों में संपत्तियों पर फायरिंग कर कथित तौर पर डर का माहौल बनाने और लोगों पर दबाव डालने की कोशिश की गई। ऐसी घटनाओं के बाद व्यापारिक समुदाय और स्थानीय निवासियों के बीच चिंता बढ़ गई, जिसके चलते कानून-व्यवस्था एजेंसियों ने अपनी जांच और निगरानी को और तेज कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह भी देखा गया है कि संगठित अपराध से जुड़े कुछ अन्य समूह भी कथित तौर पर इसी प्रकार के तौर-तरीकों को अपनाने लगे हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या विभिन्न आपराधिक नेटवर्क एक-दूसरे से प्रभावित होकर समान रणनीतियों का इस्तेमाल कर रहे हैं या इनके बीच किसी प्रकार का संपर्क मौजूद है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसी घटनाओं को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस विभिन्न मामलों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकियों, उगाही के प्रयासों और हिंसक घटनाओं के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्कों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

