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मणिपुर: लितान गांव की एक झड़प से कैसे भड़का नागा-कुकी संघर्ष

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Harnaik Singh Rathor
By Harnaik Singh Rathor
Founder & Editor-in-Chief, StudioX News

हिंदुस्तान टाइम्स इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, मणिपुर में नागा और कुकी समुदायों के बीच जारी हिंसा की शुरुआत 7 फरवरी की रात उखरुल जिले के लितान गांव में हुई एक झड़प से मानी जाती है। शराब के नशे में हुई यह तकरार पहले मामूली लगी थी, लेकिन इसके बाद दोनों समुदायों के बीच संघर्ष का नया मोर्चा खुल गया।

StudioX News: मणिपुर: लितान गांव की एक झड़प से कैसे भड़का नागा-कुकी संघर्ष
मणिपुर: लितान गांव की एक झड़प से कैसे भड़का नागा-कुकी संघर्ष 6

रिपोर्ट के मुताबिक, यह झड़प उस समय हुई जब मणिपुर के ज़्यादातर हिस्से जातीय हिंसा की चपेट में थे, और यह गांव अब तक उससे बचा हुआ था। झड़प ने उन पुराने नागा-कुकी मतभेदों को सामने ला दिया, जो 2023 में शुरू हुए मैतेई-कुकी संघर्ष की वजह से पहले दब गए थे।

झड़प से शुरू हुई हिंसा

झड़प के बाद कुछ ही समय में मणिपुर के कई जिलों में हिंसा फैल गई। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों समुदायों के लोगों ने गांवों में घरों को जलाया, घात लगाकर हमले किए और शवों को क्षत-विक्षत किया। इन संघर्षों में अब तक 65 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें शनिवार को नोने जिले में मारे गए तीन लोग भी शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, तीन वर्षों में मणिपुर की जातीय हिंसा में मरने वालों की कुल संख्या कम से कम 363 हो गई है। हज़ारों लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं।

गांव में बंटवारा और दोनों पक्षों के दावे

रिपोर्ट के मुताबिक, लितान गांव में नागा और कुकी दोनों समुदाय रहते थे। यहां लगभग 192 घर थे और आबादी करीब 1,000 थी। झड़प किसने शुरू की, इस पर दोनों पक्षों के बयान अलग हैं। एक नागा व्यक्ति ने बताया कि झड़प के दौरान उन्हें सिर के पीछे मुक्का लगा और वह बेहोश होकर गिर पड़े। उनके चेहरे से खून बह रहा था और बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहीं एक कुकी महिला ने इन आरोपों से असहमति जताई और कहा कि घटना में शामिल लोग कुछ ही थे।

रिपोर्ट के अनुसार, अगली सुबह नागा बुज़ुर्गों ने पारंपरिक तरीके से विवाद सुलझाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास विफल रहा। नागा पक्ष के एक व्यक्ति का आरोप है कि कुकी मुखिया ने एक व्यक्ति को छिपाया था, जिससे भीड़ जमा हुई और घरों में तोड़-फोड़ हुई। कुकी पक्ष के एक व्यक्ति ने बताया कि उस दिन की बैठक के दौरान गोलियां चलीं और रात में दोनों तरफ के घर जलाए गए। रिपोर्ट में दोनों पक्षों के ये दावे बिना किसी पुष्टि के दर्ज हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 8 से 10 फरवरी के बीच नागा और कुकी दोनों पक्षों के गांव वालों ने एक-दूसरे के घर जलाए। इसके बाद दोनों समुदाय गांव के अलग-अलग हिस्सों में चले गए। केंद्रीय सुरक्षा बलों को दोनों के बीच तैनात किया गया। केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को दोनों समुदायों को अलग रखने का काम सौंपा गया। अब गांव एक सुरक्षा रेखा से बंट चुका है।

लितान पुलिस थाने के अधिकारियों ने कहा कि अब उनकी पहली प्राथमिकता यह पता लगाना नहीं है कि झड़प किसने शुरू की, बल्कि लोगों को एक-दूसरे को मारने से रोकना है। एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि दोनों पक्षों के पास भारी हथियारों से लैस समूह हैं।

पुरानी दरारें और बढ़ता तनाव

रिपोर्ट के अनुसार, लितान की घटनाएं केवल एक गांव तक सीमित नहीं रहीं। फरवरी के आखिरी हफ्ते में कामजोंग और कांगपोकपी जिलों से भी दोनों समुदायों के बीच झड़पों की खबरें आने लगीं। 11 मार्च को अपहरण के एक दिन बाद दो कुकी पुरुषों के शव मिले। रिपोर्ट के मुताबिक, उसके बाद से दोनों तरफ जानमाल का नुकसान होता रहा है।

कुकी समुदाय के संगठन कुकी इन्पी के एक प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि फरवरी की घटना से पहले भी नागा-बहुल इलाकों में कुकियों पर हमले हो रहे थे। उनके दावे के अनुसार, लितान गांव पहले कुकियों की ज़मीन था और नागाओं को वहां अस्थायी रूप से रहने दिया गया था। यह एक राजनीतिक दावा है, जिसे रिपोर्ट में पक्ष के बयान के रूप में ही दर्ज किया गया है।

नागा प्रतिनिधियों ने इस इतिहास को खारिज किया है। नागा तंगखुल लितान के सचिव ने कहा कि गांव नागाओं की पैतृक ज़मीन है और कुकियों पर वहां अवैध कब्ज़े का आरोप लगाया।

यह रिपोर्ट बताती है कि लितान की झड़प को पुलिस और राज्य सरकार ने संघर्ष की शुरुआत बताया है, जबकि समुदाय के प्रतिनिधि इसे वर्षों से बढ़ते तनाव का नतीजा मानते हैं। घटना के असली कारणों और ज़िम्मेदारी पर दोनों पक्षों के बयान अब भी अलग हैं।

Source: Hindustan Times India

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Harnaik Singh Rathor is the Founder, Publisher, and Editor-in-Chief of StudioX News Canada, Canada's multilingual digital news network serving multilingual diaspora communities across Canada. With a background in media production, public relations, and multicultural communications, he founded StudioX Film and TV Corporation to bridge the gap between mainstream Canadian media and the country's diverse immigrant communities. He is a member of the Canadian Association of Journalists (CAJ), RTDNA Canada, CPRS Vancouver, NEPMCC, and the Canadian Freelance Union (Unifor). Based in Surrey, British Columbia. | LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/harnaiksinghrathor/ | Muck Rack: https://muckrack.com/harnaiksinghrathor | Email: editor@studioxnews.ca

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