कनाडा

नौकरी या पढ़ाई के लिए कनाडा जा रहे भारतीयों के लिए अहम खबर, IRCC ने दी नई जानकारी

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कनाडा में पढ़ाई या नौकरी करने के लिए अलग-अलग प्रकार के परमिट की आवश्यकता होती है। जो लोग वहां पढ़ने जाते हैं, उन्हें स्टडी परमिट लेना होता है, जबकि काम करने के लिए वर्क परमिट जरूरी होता है। भारत सहित अन्य देशों से जाने वाले छात्र और प्रोफेशनल्स को अपनी स्थिति और उद्देश्य के अनुसार सही परमिट के लिए आवेदन करना पड़ता है।

ये दोनों ही परमिट आधिकारिक दस्तावेज होते हैं, जो किसी व्यक्ति को सीमित समय के लिए कनाडा में रहने और अपने उद्देश्य—चाहे वह पढ़ाई हो या रोजगार—को पूरा करने की अनुमति देते हैं। बिना इन परमिट के न तो पढ़ाई संभव है और न ही वहां काम करना कानूनी रूप से सही माना जाता है।

हालांकि, इन परमिट को पाने में कितना समय लगेगा, यह कई बातों पर निर्भर करता है। इसमें आवेदन की प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच, आवेदक का देश और उस समय इमिग्रेशन विभाग पर काम का दबाव जैसे कई कारक शामिल होते हैं। इसी वजह से हर व्यक्ति के लिए प्रोसेसिंग टाइम अलग-अलग हो सकता है।

ऐसे में जो लोग कनाडा जाने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए जरूरी है कि वे समय से पहले आवेदन करें और सभी जरूरी दस्तावेज सही तरीके से जमा करें, ताकि उन्हें किसी तरह की देरी या परेशानी का सामना न करना पड़े।

कनाडा के इमिग्रेशन विभाग IRCC (Immigration, Refugees and Citizenship Canada) समय-समय पर वीजा और परमिट से जुड़ी प्रोसेसिंग टाइम की जानकारी जारी करता रहता है। हर महीने आने वाले इन अपडेट्स में यह बताया जाता है कि अलग-अलग देशों, खासकर भारत के आवेदकों को स्टडी और वर्क परमिट मिलने में औसतन कितना समय लग रहा है।

हाल ही में IRCC ने एक नया अपडेट जारी किया है, जिससे मौजूदा स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस ताजा जानकारी के अनुसार, भारतीय छात्रों के लिए स्टडी परमिट की प्रक्रिया पहले के मुकाबले कुछ तेज हुई है, यानी उन्हें अब पहले से कम समय में अनुमति मिलने की उम्मीद है।

वहीं दूसरी ओर, वर्क परमिट के मामले में तस्वीर थोड़ी अलग है। नए आंकड़ों से संकेत मिलता है कि इसकी प्रोसेसिंग में अब ज्यादा समय लग सकता है। यानी नौकरी के उद्देश्य से कनाडा जाने की योजना बना रहे लोगों को पहले की तुलना में अधिक इंतजार करना पड़ सकता है।

इन बदलावों को देखते हुए यह साफ है कि कनाडा जाने की योजना बना रहे लोगों को अपने आवेदन की टाइमिंग और तैयारी को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। IRCC के ऐसे अपडेट्स आवेदकों को यह समझने में मदद करते हैं कि उन्हें अपने प्लान को कैसे बेहतर तरीके से तैयार करना चाहिए।

वर्क परमिट की टाइमलाइन में बदलाव, भारतीयों को करना होगा थोड़ा ज्यादा इंतजार

कनाडा के इमिग्रेशन विभाग IRCC के ताजा अपडेट के अनुसार, भारतीय आवेदकों के लिए वर्क परमिट मिलने में अब पहले की तुलना में थोड़ा अधिक समय लग सकता है। पहले जहां आवेदन जमा करने के लगभग 7 हफ्तों के भीतर वर्क परमिट जारी हो जाता था, अब इस प्रक्रिया में करीब 8 हफ्तों का समय लग रहा है।

इस बदलाव का मतलब है कि अगर आप नौकरी के लिए कनाडा जाने की योजना बना रहे हैं, तो आपको अपने ट्रैवल और जॉइनिंग प्लान को इसी नई समयसीमा को ध्यान में रखकर तैयार करना होगा। आवेदन के बाद कम से कम दो महीने का समय लग सकता है, इसलिए पहले से योजना बनाना जरूरी हो जाता है।

हालांकि, तुलना के लिहाज से देखा जाए तो भारतीय आवेदकों की स्थिति अभी भी बेहतर मानी जा रही है। उदाहरण के तौर पर, पाकिस्तान से आवेदन करने वाले कामगारों को वर्क परमिट के लिए लगभग 16 हफ्तों तक इंतजार करना पड़ रहा है। दिलचस्प बात यह है कि पहले यह समय करीब 29 हफ्ते था, जिसमें अब काफी कमी आई है।

कुल मिलाकर, भले ही भारतीयों के लिए प्रोसेसिंग टाइम थोड़ा बढ़ा हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर यह अब भी अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में सही योजना और समय पर आवेदन करने से इस प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकता है।

स्टडी परमिट पर राहत, प्रोसेसिंग टाइम का मतलब भी समझें

कनाडा में पढ़ाई करने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों के लिए ताजा अपडेट राहत भरा है। IRCC के अनुसार, अब स्टडी परमिट की प्रक्रिया पहले के मुकाबले तेज हो गई है। जहां पहले छात्रों को परमिट मिलने में करीब 4 हफ्ते, यानी लगभग एक महीने का समय लगता था, वहीं अब यह समय घटकर लगभग 3 हफ्ते रह गया है। इससे छात्रों को अपनी पढ़ाई की योजना बनाने में आसानी होगी और अनिश्चितता भी कम होगी।

दूसरी ओर, तुलना करें तो पाकिस्तान के छात्रों को स्टडी परमिट के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वहां यह प्रोसेसिंग टाइम करीब 12 हफ्ते बताया गया है, जो भारतीय छात्रों के मुकाबले काफी ज्यादा है।

अब सवाल उठता है कि प्रोसेसिंग टाइम का मतलब क्या होता है। दरअसल, IRCC द्वारा जारी किया गया यह समय उस अवधि को दर्शाता है, जिसके भीतर किसी आवेदक के परमिट आवेदन पर फैसला लिया जा सकता है। यह समय आवेदन जमा करने की तारीख से गिना जाता है। अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन करता है, तो आवेदन सबमिट करते ही प्रोसेसिंग की गिनती शुरू हो जाती है।

पुराने आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि IRCC अपने लगभग 80 प्रतिशत आवेदनों को तय प्रोसेसिंग टाइम के भीतर ही निपटा देता है। हालांकि, कुछ मामलों में अतिरिक्त जांच या दस्तावेजों की वजह से देरी भी हो सकती है। इसलिए आवेदकों के लिए जरूरी है कि वे सभी जरूरी कागजात सही तरीके से और समय पर जमा करें, ताकि प्रक्रिया बिना रुकावट पूरी हो सके।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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