कनाडा

12 देशों तक पहुंचा हंतावायरस का खतरा? क्रूज शिप से उतरे 29 लोगों ने बढ़ाई चिंता

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हंतावायरस संक्रमण ने एक बार फिर वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में एक क्रूज शिप पर इस वायरस के कई मामले सामने आने के बाद स्थिति गंभीर मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि जहाज पर सवार कई यात्री अलग-अलग देशों के थे और अब वे अपने-अपने देशों को लौट चुके हैं। इसी वजह से संक्रमण के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलने की आशंका को लेकर निगरानी तेज कर दी गई है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस क्रूज शिप से जुड़े यात्री अब दुनिया के करीब 12 से 13 देशों में पहुंच चुके हैं। हालांकि अभी तक बड़े स्तर पर संक्रमण फैलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर कई देशों ने मेडिकल मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है और जिन लोगों में किसी तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें निगरानी में रखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हंतावायरस सामान्य फ्लू की तरह तेजी से फैलने वाला वायरस नहीं माना जाता, लेकिन इसके गंभीर मामलों में मरीज की हालत काफी बिगड़ सकती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। क्रूज शिप पर यात्रा करने वाले लोगों के संपर्क में आए अन्य लोगों का भी पता लगाया जा रहा है।

इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रा और समुद्री पर्यटन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी संभावित बड़े संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।

अप्रैल में अर्जेंटीना के दक्षिणी शहर उशुआइया के बंदरगाह से MV Hondius नाम का एक एक्सपेडिशन क्रूज रवाना हुआ था। इस जहाज पर करीब 150 यात्री और क्रू मेंबर मौजूद थे, जो दुनिया के लगभग 28 अलग-अलग देशों से आए थे। यह यात्रा अंटार्कटिका और आसपास के दूरदराज इलाकों की खोज के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल थे।

यात्रा के दौरान जहाज पर मौजूद कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई, जिसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। बाद में हंतावायरस संक्रमण से जुड़े मामलों की पुष्टि होने पर इस क्रूज शिप को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई। चूंकि जहाज पर सवार लोग कई देशों से थे, इसलिए अब यह मामला केवल एक जहाज तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां इससे जुड़े यात्रियों की निगरानी कर रही हैं।

जानकारी के मुताबिक, यात्रा खत्म होने के बाद यात्री अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो गए। इसी कारण संक्रमण के संभावित फैलाव को लेकर अलग-अलग देशों में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर हैं। कई जगहों पर यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जा रही है और उनके संपर्क में आए लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रूज यात्राओं में बड़ी संख्या में लोगों का लंबे समय तक एक साथ रहना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा सकता है। यही वजह है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कई देशों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

24 अप्रैल को यह क्रूज शिप सेंट हेलेना द्वीप पर रुकी, जहां से कुल 29 यात्रियों को उतारा गया। इन लोगों में एक मृत व्यक्ति का शव भी शामिल था, जिसे जहाज से बाहर ले जाया गया। उस समय तक किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि जहाज पर मौजूद कुछ यात्री हंतावायरस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।

शुरुआत में इसे सामान्य स्वास्थ्य समस्या माना गया था, इसलिए यात्रियों के उतरने के दौरान किसी बड़े संक्रमण का संदेह नहीं जताया गया। यात्री अलग-अलग देशों की ओर रवाना हो गए और स्थानीय स्तर पर भी स्थिति सामान्य समझी गई। लेकिन बाद में जब जांच में हंतावायरस संक्रमण से जुड़े मामले सामने आए, तब स्वास्थ्य एजेंसियों में चिंता बढ़ गई।

सबसे बड़ी परेशानी यह है कि जहाज से उतरे यात्री अब विभिन्न देशों में पहुंच चुके हैं। ऐसे में यह पता लगाना चुनौती बन गया है कि यात्रा के दौरान कौन-कौन लोग संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए थे। कई देशों ने अब उन यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती चरण में संक्रमण की जानकारी न होने के कारण निगरानी और आइसोलेशन जैसे कदम समय पर नहीं उठाए जा सके। यही वजह है कि अब इस घटना को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा के नजरिये से गंभीर माना जा रहा है और संबंधित यात्रियों की लगातार ट्रैकिंग की जा रही है।

हंतावायरस एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक वायरस माना जाता है, जो आमतौर पर संक्रमित चूहों और दूसरे कृंतकों के जरिए इंसानों तक पहुंचता है। यह वायरस चूहों की लार, पेशाब और मल में मौजूद होता है। जब ये सूखकर हवा में मिल जाते हैं, तब इंसान सांस लेते समय इनके बेहद छोटे कणों को शरीर के अंदर ले सकता है। यही वजह है कि बंद जगहों, गोदामों, जहाजों या ऐसे इलाकों में जहां चूहों की संख्या ज्यादा हो, संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, हंतावायरस सीधे सामान्य संपर्क से तेजी से नहीं फैलता, लेकिन संक्रमित सतहों को छूने या दूषित वातावरण में रहने से खतरा पैदा हो सकता है। कुछ मामलों में संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार, शरीर दर्द, सिरदर्द, उल्टी और सांस लेने में दिक्कत जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में यह फेफड़ों को प्रभावित कर जानलेवा भी साबित हो सकता है।

क्रूज शिप वाले मामले ने इसलिए चिंता बढ़ा दी है क्योंकि जहाज पर मौजूद यात्री कई अलग-अलग देशों से थे और कुछ लोग बीच यात्रा में ही अलग-अलग जगहों पर उतर गए। ऐसे में स्वास्थ्य एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि संक्रमित लोग किन-किन देशों में गए और क्या वहां किसी तरह का जोखिम पैदा हुआ है। हालांकि फिलहाल विशेषज्ञ यह भी कह रहे हैं कि हंतावायरस कोविड-19 की तरह तेजी से इंसान से इंसान में फैलने वाला वायरस नहीं माना जाता, इसलिए बड़े स्तर की महामारी की आशंका कम बताई जा रही है।

फिर भी स्वास्थ्य विभाग लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। खासतौर पर चूहों वाले इलाकों की सफाई करते समय मास्क और ग्लव्स पहनने, बंद जगहों को पहले हवादार बनाने और संक्रमित जानवरों के संपर्क से बचने की सलाह दी जा रही है।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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