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OpenAI ने कनाडाई नागरिकों की प्राइवेसी का किया उल्लंघन? वॉचडॉग्स ने उठाए सवाल

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कनाडा की प्राइवेसी निगरानी संस्था ने बुधवार को कहा कि OpenAI ने कनाडाई नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा को बेहतर बनाने का भरोसा दिया है। यह बयान उस संयुक्त जांच के बाद आया, जिसमें कनाडा के तीन प्रांतों की प्राइवेसी एजेंसियों ने पाया कि कंपनी ने अपने शुरुआती ChatGPT AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए जरूरत से ज्यादा व्यापक स्तर पर डेटा इकट्ठा किया था। जांच में कहा गया कि डेटा संग्रह की प्रक्रिया “ओवरली ब्रॉड” यानी अत्यधिक व्यापक थी।

कनाडा के प्राइवेसी कमिश्नर Philippe Dufresne और क्यूबेक, ब्रिटिश कोलंबिया तथा अल्बर्टा के उनके समकक्ष अधिकारियों ने कहा कि इस जांच ने यह साफ कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में कनाडा के प्राइवेसी कानूनों को आधुनिक बनाने की तत्काल जरूरत है। अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा कानूनों में स्पष्ट सुरक्षा नियमों और सीमाओं की कमी का फायदा OpenAI जैसी कंपनियां उठा सकती हैं।

वॉचडॉग्स का कहना है कि AI तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन डेटा सुरक्षा और निजता से जुड़े कानून उसी गति से अपडेट नहीं हुए हैं। ऐसे में नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए और सख्त कानूनी ढांचे की आवश्यकता है।

कनाडा के प्राइवेसी कमिश्नर Philippe Dufresne ने ओटावा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि OpenAI
ने ChatGPT को लॉन्च करने से पहले प्राइवेसी से जुड़ी ज्ञात समस्याओं का पूरी तरह समाधान नहीं किया था। उन्होंने कहा कि इसके कारण कनाडाई नागरिकों को डेटा लीक, निजता के उल्लंघन और व्यक्तिगत जानकारी के आधार पर भेदभाव जैसे संभावित खतरों का सामना करना पड़ सकता था।

डुफ्रेस्ने के मुताबिक, जांच के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा यह पाया गया कि OpenAI ने अपने शुरुआती GPT-3.5 और GPT-4 मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए इंटरनेट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी को बड़े पैमाने पर “स्क्रैप” या एकत्र किया। ये वही मॉडल थे, जिनका इस्तेमाल उस समय किया जा रहा था जब साल 2023 में जांच शुरू की गई थी।

प्राइवेसी अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक डेटा का इस तरह बड़े स्तर पर उपयोग लोगों की निजी जानकारी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका मानना है कि AI कंपनियों के लिए स्पष्ट नियम और मजबूत कानूनी ढांचा जरूरी है, ताकि भविष्य में नागरिकों की निजता सुरक्षित रह सके।

जांच में यह भी सामने आया कि डेटा संग्रह की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं थी और जिन कनाडाई नागरिकों की जानकारी इस्तेमाल की गई, उनसे इसकी अनुमति भी नहीं ली गई थी। प्राइवेसी वॉचडॉग्स के मुताबिक, इंटरनेट से बड़े पैमाने पर जुटाए गए डेटा में ऐसी जानकारियां भी शामिल थीं, जिनकी वजह से “तथ्यात्मक गलतियां” सामने आईं।

जांच रिपोर्ट में कहा गया कि लोगों को यह तक पता नहीं था कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी AI मॉडल्स की ट्रेनिंग में इस्तेमाल हो रही है। इसके अलावा, कनाडाई नागरिकों के पास अपनी निजी जानकारी तक पहुंच पाने, उसमें सुधार करवाने या उसे हटवाने का कोई प्रभावी विकल्प भी मौजूद नहीं था।
प्राइवेसी अधिकारियों ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि AI कंपनियों के लिए जवाबदेही तय करना और नागरिकों को उनके डेटा पर अधिक नियंत्रण देना अब बेहद जरूरी हो गया है।

जांच रिपोर्ट में OpenAI की आलोचना करते हुए कहा गया है कि कंपनी ने पर्याप्त प्राइवेसी सुरक्षा उपाय लागू किए बिना ही ChatGPT को तेजी से बाजार में उतार दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने पहले उत्पाद लॉन्च किया और बाद में उठे प्राइवेसी संबंधी सवालों को संबोधित करना शुरू किया। इसे कनाडा के संघीय कानून PIPEDA (Personal Information Protection and Electronic Documents Act) के जवाबदेही नियमों का उल्लंघन माना गया है।

कनाडा के प्राइवेसी कमिश्नर Philippe Dufresne ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जांच के दौरान संगठन के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के बयान भी सामने आए। इनमें कहा गया था कि उन्हें जल्दी कदम उठाने की जरूरत महसूस हुई क्योंकि बाजार में दूसरी कंपनियां भी AI तकनीक पर काम कर रही थीं, इसलिए सीमित परीक्षण के बावजूद ChatGPT लॉन्च कर दिया गया।

डुफ्रेस्ने ने कहा कि जांच एजेंसियों ने इस रवैये को गंभीर रूप से चिंताजनक पाया। उनके मुताबिक, कई ऐसे सुरक्षा कदम थे जिन्हें लॉन्च से पहले लागू किया जा सकता था, और जिनमें से कई कदम कंपनी ने अब जाकर अपनाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि ये सुरक्षा उपाय पहले से मौजूद होते, तो प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा से जुड़े कई जोखिमों को कम किया जा सकता था।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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