कनाडा

अमेरिका के खिलाफ बहिष्कार अभियान को कनाडा में अब भी बड़ा समर्थन

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कनाडा के ज्यादातर लोग अब भी अमेरिकी सामानों और अमेरिका यात्रा के बहिष्कार को देश की सौदेबाजी की स्थिति मजबूत करने के लिए फायदेमंद मानते हैं।

सर्वे के अनुसार, 10 में से करीब 8 कनाडाई नागरिकों का मानना है कि अमेरिकी उत्पादों से दूरी बनाना और अमेरिका की यात्रा से बचना कनाडा के हित में मददगार साबित हो सकता है। इनमें 53 प्रतिशत लोगों ने इसे सीधे तौर पर “फायदेमंद” बताया, जबकि 29 प्रतिशत लोगों का कहना है कि यह “कुछ हद तक फायदेमंद” है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले छह महीनों की तुलना में लोगों की राय में ज्यादा बदलाव नहीं आया है। छह महीने पहले किए गए इसी तरह के सर्वे में 54 प्रतिशत लोगों ने बहिष्कार को फायदेमंद माना था, जबकि 26 प्रतिशत ने इसे कुछ हद तक मददगार बताया था।

वहीं, केवल 10.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि अमेरिकी सामानों और यात्रा से दूरी बनाना कनाडा की सौदेबाजी की ताकत बढ़ाने में कोई खास मदद नहीं करता। सर्वे के नतीजे ऐसे समय में सामने आए हैं, जब कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापार और आर्थिक मुद्दों को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं।

कनाडाई नागरिक अब भी अमेरिकी सामानों के बहिष्कार को लेकर अपने रुख पर कायम हैं। उनके मुताबिक, इसकी एक बड़ी वजह यह है कि अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ताओं में अब तक कोई बड़ा या ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।

निक नैनोस ने कहा कि आम कनाडाई लोगों के मन में यह सवाल है कि जब व्यापारिक मुद्दों पर खास प्रगति नहीं हुई है, तो फिर अमेरिकी उत्पादों के बहिष्कार को क्यों खत्म किया जाए। उनका मानना है कि लोगों के बीच यह भावना अभी भी मजबूत बनी हुई है कि आर्थिक दबाव के जरिए कनाडा अपनी सौदेबाजी की स्थिति बेहतर कर सकता है।

सर्वेक्षण में पीढ़ियों के बीच राय का अंतर भी सामने आया। Nanos Research के अनुसार, उम्रदराज कनाडाई नागरिक बहिष्कार को ज्यादा प्रभावी मानते हैं। 55 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 60.7 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अमेरिकी सामानों का बहिष्कार कनाडा के हित में “फायदेमंद” है।

वहीं, 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के केवल 39.5 प्रतिशत लोगों ने इसे पूरी तरह मददगार माना। दूसरी ओर 35 से 54 वर्ष के लोगों में 53.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने बहिष्कार को कनाडा की स्थिति मजबूत करने के लिए उपयोगी बताया। सर्वे के नतीजे यह संकेत देते हैं कि अलग-अलग पीढ़ियों के बीच अमेरिका को लेकर सोच में स्पष्ट अंतर मौजूद है।

अमेरिका और कनाडा के बीच जारी व्यापारिक तनाव का असर अब शराब उद्योग पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कनाडा के अधिकांश प्रांतों ने अमेरिकी शराब की खरीद रोक दी है, जिसे अमेरिकी प्रशासन ने व्यापार वार्ताओं में एक बड़ी परेशानी के रूप में देखा है।

Distilled Spirits Council of the United States के प्रमुख ने इस सप्ताह Office of the United States Trade Representative की एक समिति के सामने गवाही देते हुए कहा कि 2025 में कनाडा को अमेरिकी शराब के निर्यात में 63 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते सितंबर 2024 से सितंबर 2025 के बीच डिस्टिलरी उद्योग में लगभग 1,000 नौकरियां प्रभावित हुई हैं।

संस्था के प्रमुख Chris Swonger ने CTV News से बातचीत में कहा कि छोटे अमेरिकी क्राफ्ट डिस्टिलरी व्यवसायों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। उनके मुताबिक, कई छोटे कारोबारी कनाडा के बाजार को बड़े अवसर के रूप में देखते थे, लेकिन अब बढ़ते दबाव के कारण कुछ कंपनियां बंद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं।

क्रिस स्वॉन्गर ने शराब उद्योग को इस व्यापार युद्ध का “निर्दोष शिकार” बताया। उनका कहना है कि राजनीतिक और व्यापारिक विवादों का असर ऐसे उद्योगों पर पड़ रहा है, जो सीधे तौर पर विवाद का हिस्सा नहीं हैं।

वहीं, कनाडा में कई लोग अब भी अमेरिकी उत्पादों के बहिष्कार का समर्थन कर रहे हैं। Ottawa स्थित एक शराब दुकान के बाहर लोगों से बातचीत के दौरान कई नागरिकों ने कहा कि यह कदम कनाडा को व्यापार वार्ताओं में दबाव बनाने की ताकत देता है। स्थानीय निवासी Pierre Emond ने कहा कि इससे कनाडा को “लेवरेज” मिलता है और इसे छोड़ना नहीं चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमेरिकी शराब दोबारा बाजार में आती है, तब भी वह उसे नहीं खरीदेंगे।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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