कनाडा हायर एजुकेशन के लिए दुनिया के सबसे महंगे देशों में गिना जाता है, जहां बैचलर डिग्री की पढ़ाई का खर्च काफी अधिक होता है। इसी वजह से कई छात्र एडमिशन से पहले वहां मिलने वाली स्कॉलरशिप्स की जानकारी तलाशते हैं। अच्छी बात यह है कि कनाडा की कई यूनिवर्सिटीज भारतीय छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं, ताकि वे कम खर्च में अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर सकें।
इसी क्रम में यॉर्क यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों के लिए एक खास स्कॉलरशिप ऑफर कर रही है, जो विंटर 2027 इनटेक के लिए उपलब्ध है। फिलहाल फॉल इनटेक के एडमिशन बंद हो चुके हैं, लेकिन ऐसे छात्र जो आगामी विंटर सेशन में दाखिला लेने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन मौका हो सकता है।
इच्छुक उम्मीदवारों को ‘York International Scholarship of Distinction’ के तहत आर्थिक सहायता मिलने की संभावना है। यह स्कॉलरशिप केवल अंडरग्रेजुएट (बैचलर्स) कोर्सेज के लिए ही मान्य है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी पूरी जानकारी विस्तार से।
ऑटोमैटिक मिलने वाली स्कॉलरशिप
यॉर्क यूनिवर्सिटी की इस स्कॉलरशिप की खास बात यह है कि इसके लिए छात्रों को अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती। जब कोई छात्र यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए अप्लाई करता है, तो उसके अकादमिक रिकॉर्ड और अंतिम परीक्षा के अंकों का स्वतः मूल्यांकन किया जाता है। यदि छात्र निर्धारित शैक्षणिक मानदंडों को पूरा करता है, तो एडमिशन के साथ-साथ उसे इस स्कॉलरशिप के लिए भी विचार किया जाता है। ऐसे में छात्रों के लिए जरूरी है कि वे अपनी 12वीं कक्षा में अच्छे अंक बनाए रखें।
यॉर्क स्कॉलरशिप की शर्तें
छात्र का यॉर्क यूनिवर्सिटी के किसी अंडरग्रेजुएट (बैचलर्स) कोर्स में एडमिशन होना अनिवार्य है।
12वीं कक्षा में कम से कम 90% या उससे अधिक अंक होना जरूरी है।
यह स्कॉलरशिप कंप्यूटर साइंस, साइबर सिक्योरिटी और इंजीनियरिंग जैसे कुछ चुनिंदा कोर्सेज में लागू नहीं होती है।
यॉर्क यूनिवर्सिटी की इस स्कॉलरशिप के तहत छात्रों को मिलने वाली आर्थिक सहायता काफी महत्वपूर्ण है, जो पढ़ाई के दौरान उनके वित्तीय बोझ को कम करने में मदद करती है। पहले वर्ष में चयनित छात्रों को 15,000 कनाडाई डॉलर की राशि प्रदान की जाती है। इसके बाद दूसरे, तीसरे और चौथे वर्ष में उन्हें हर साल 7,500 कनाडाई डॉलर की सहायता दी जाती है।
कुल मिलाकर यह स्कॉलरशिप चार वर्षों में 37,500 कनाडाई डॉलर तक पहुंच जाती है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 25 लाख रुपये के बराबर होती है। इस राशि का उपयोग छात्र अपनी जरूरतों के अनुसार कर सकते हैं, चाहे वह रोजमर्रा के खर्च हों या फिर ट्यूशन फीस जैसी शैक्षणिक लागत। इससे छात्रों को विदेश में पढ़ाई के दौरान आर्थिक रूप से काफी राहत मिलती है और वे अपने अध्ययन पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।
स्कॉलरशिप से जुड़ी किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
यॉर्क यूनिवर्सिटी की यह स्कॉलरशिप रिन्यूअल आधारित होती है, यानी छात्र को यह सहायता केवल एक बार नहीं बल्कि हर शैक्षणिक वर्ष में जारी रहती है। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि छात्र लगातार निर्धारित शैक्षणिक प्रदर्शन बनाए रखें। हर साल स्कॉलरशिप को बनाए रखने के लिए अच्छा GPA हासिल करना अनिवार्य होता है, इसलिए पढ़ाई में निरंतरता और अनुशासन बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके अलावा, यूनिवर्सिटी छात्रों की पिछली शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उनके अंकों को अपने मूल्यांकन सिस्टम में बदलती है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आवेदन के समय सभी दस्तावेज, मार्कशीट और प्रमाणपत्र पूरी तरह स्पष्ट, सही और अपडेटेड हों, क्योंकि किसी भी तरह की गलती या असंगत जानकारी आपके चयन पर असर डाल सकती है।
यह स्कॉलरशिप पूरी तरह से अकादमिक प्रदर्शन यानी आपके अंकों पर आधारित होती है। इसलिए छात्रों को अपने बोर्ड परीक्षा (CBSE, ISC या राज्य बोर्ड) के परिणामों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जितने बेहतर आपके अंक होंगे, उतनी ही अधिक संभावना होगी कि आपको यह स्कॉलरशिप मिले और आगे भी इसे जारी रखा जाए।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

